बीमारियों को समझें और आयुर्वेद से उन्हें जड़ से मिटाएं
गठिया और जोड़ों में सूजन के कारण चलने-फिरने में तकलीफ।
महानारायण तेल से मालिश करें। सोंठ और मेथी का चूर्ण लें।
यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द होना।
गोक्षुरादि गुग्गुल का सेवन करें। लहसुन के तेल की मालिश लाभदायक है।
अदरक का लेप जोड़ों की सूजन कम करता है।
अदरक को पीसकर जोड़ों पर लगाएं और पट्टी बांधें।
निर्गुंडी के पत्तों का काढ़ा दर्द में राहत देता है।
निर्गुंडी के पत्तों को उबालकर उसका पानी पिएं।
अरंडी के तेल की मालिश गठिया में फायदेमंद है।
गुनगुने अरंडी के तेल से दर्द वाली जगह मालिश करें।
रास्नादि काढ़ा जोड़ों की जकड़न दूर करता है।
यह काढ़ा जोड़ों के पुराने दर्द के लिए उत्तम है।
धूप में बैठने से विटामिन डी मिलता है।
सुबह की 15-20 मिनट की धूप जरूर लें।
मेथी दानों का सेवन जोड़ों के लुब्रिकेशन के लिए अच्छा है।
रात को मेथी भिगोकर सुबह चबाकर खाएं।
सहजन (Moringa) के पत्तों का काढ़ा दर्द निवारक है।
सहजन की फलियों या पत्तों को डाइट में शामिल करें।
हल्दी और सोंठ का मिश्रण जोड़ों के दर्द में रामबाण है।
हल्दी और सोंठ पाउडर को गुनगुने दूध के साथ लें।
जोड़ों में दर्द अक्सर सूजन और stiffness के कारण होता है।
जोड़ों में दर्द अक्सर सूजन और stiffness के कारण होता है।
लंबे समय तक बैठने से joints में दर्द बढ़ता है।
हर थोड़ी देर में चलें और शरीर को active रखें।
लहसुन ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाकर दर्द कम करता है।
लहसुन का सेवन या तेल मालिश करें।
जोड़ों की flexibility कम होने से दर्द बढ़ता है।
जोड़ों की flexibility कम होने से दर्द बढ़ता है।
गर्म नमक पानी से सिकाई करने से दर्द और सूजन कम होती है।
नमक वाले गर्म पानी से सेक करें।
दालचीनी में सूजन कम करने के गुण होते हैं जो दर्द में राहत देते हैं।
दालचीनी की चाय का सेवन करें।
गलत बैठने का तरीका joints पर दबाव बढ़ाता है।
सीधा बैठें और सही posture अपनाएं।
पानी की कमी से joints की lubrication कम हो जाती है।
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।
एलोवेरा जूस का सेवन करें।
एलोवेरा जूस का सेवन करें।
लौंग का तेल दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है।
लौंग का तेल दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है।
जोड़ों में दर्द और सूजन रहती है।
सरसों तेल से हल्की मालिश करें।
हड्डियां कमजोर होती हैं।
दूध और कैल्शियम लें।
जोड़ों में जकड़न होती है।
गुनगुने पानी से सिकाई करें।
सुबह stiffness रहती है।
हल्का व्यायाम करें।
शरीर में सूजन होती है।
हल्दी दूध पिएं।